Kaal Sarp Yog Book in Hindi | Causes, Types, Puja Vidhi & Nivaran
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पुस्तक परिचय
सम्पूर्ण काल सर्प योग – कारण, प्रकार और निवारण
सम्पूर्ण काल सर्प योग शांति प्रयोग (भाषा टीका) काल सर्प योग से संबंधित ज्योतिषीय मान्यताओं, इसके प्रकारों और पारंपरिक शांति-अनुष्ठानों को समझने के लिए हिंदी धार्मिक पुस्तक है। लेखक स्वामी पूर्णेन्दु कौशिक ‘हरिप्रिय’ हैं। पुस्तक में काल सर्प योग के विभिन्न प्रकार, पूजा-सामग्री, संकल्प, पूजन, हवन, मंत्र, नाग पूजा और संबंधित वैदिक अनुष्ठानों का विवरण दिया गया है।
पुस्तक की विषय-सूची में काल सर्प योग के प्रकार और संख्या, काल सर्प हवन सामग्री, गणेश-अंबिका पूजन, कलश स्थापना, नवग्रह पूजन, शालग्राम पूजन, नाग पूजा, राहु-केतु कवच, नाग तर्पण और हवन विधान जैसे विषय शामिल हैं। यह उन पाठकों के लिए संदर्भ पुस्तक है जो काल सर्प योग और उससे जुड़े पारंपरिक पूजा-पाठ तथा शांति-प्रयोगों के बारे में हिंदी में पढ़ना चाहते हैं।
पुस्तक में शामिल प्रमुख विषय
- काल सर्प योग के प्रकार और काल सर्प योगों की संख्या
- काल सर्प हवन सामग्री और शांति-प्रयोग की तैयारी
- सुसम्मति पत्रम्, पूजनम् और स्वस्त्ययन
- श्री गणेश-अंबिका पूजन और कलश स्थापना
- पञ्चांगकार पूजन, त्रिदेव पूजन और श्री नवग्रह पूजन
- श्री शालग्राम पूजन और सर्वतोभद्र मंडल पूजा
- श्री वासुदेव अष्टाक्षर स्तोत्र और नांदीमुख श्राद्ध
- नाग पूजन और श्री राहुदेव कवच
- श्री केतु कवच और पितृ सूक्त
- माता मनसा देवी पूजन और मनसा देवी स्तोत्र
- नाग नाम पूजा, सर्व नागों की पूजा और नाग तर्पण
- नागबलि और हवन विधान
- ब्रह्मावरण, अग्नि पूजन-प्रतिष्ठान और यजमान को आशीर्वाद
- श्री गौरी हेतु, अधिदेवता आहुतियाँ और प्रत्यधिदेवता आहुति
- पंचलोकपाल और दशदिक्पाल नामाहुति
- महामृत्युंजय मंत्र, पूर्णाहुति, भस्म धारण और आरती
- पुष्पांजलि, आशीर्वाद, देवग्रह-विसर्जन और आत्मनिवेदन
- सामूहिक प्रार्थना और माता मनसा देवी की पावन कथा
- घंटाकर्ण महावीर मंत्र एवं स्तोत्र तथा क्षेत्रपाल से संबंधित पाठ
- पति-प्राप्ति हेतु मंत्र और अन्य पारंपरिक धार्मिक पाठ
पुस्तक की विशेषताएँ
- काल सर्प योग के कारण, प्रकार और निवारण पर केंद्रित
- हिंदी भाषा-टीका सहित धार्मिक और ज्योतिषीय विषय
- पूजा-विधि, नाग पूजा, राहु-केतु कवच और हवन से संबंधित सामग्री
- नवग्रह पूजन, मंत्र, स्तोत्र, तर्पण और पूर्णाहुति के विषय
- रंगीन चित्रों सहित सचित्र संस्करण
यह पुस्तक ज्योतिष में रुचि रखने वाले पाठकों, धार्मिक अनुष्ठानों का अध्ययन करने वालों और काल सर्प योग शांति-प्रयोग की पारंपरिक विधियों के बारे में जानने के इच्छुक लोगों के लिए उपयोगी है। काल सर्प योग, ग्रहों के प्रभाव और उपायों से संबंधित बातें ज्योतिषीय तथा धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं; किसी परिणाम या समस्या के समाधान की गारंटी नहीं है।
Kaal Sarp Yog Karan Aur Nivaran – Hindi Book on Causes, Types and Rituals
Sampoorna Kaal Sarp Yog Shanti Prayog (Bhasha Tika) is a Hindi religious and astrology-related book about Kaal Sarp Yog, its traditional classifications and associated peace rituals. Written by Swami Purnendu Kaushik ‘Haripriya’, it covers puja preparations, ritual materials, Navgraha worship, Nag puja, Rahu and Ketu kavach, havan procedures and related traditional practices.
Key topics covered
- Types and classifications of Kaal Sarp Yog
- Kaal Sarp havan materials and ritual preparations
- Ganesh-Ambika puja and Kalash Sthapana
- Tridev puja, Navgraha puja and Shaligram puja
- Sarvatobhadra Mandal puja and Vasudev Ashtakshar Stotra
- Nag puja and Rahudev Kavach
- Ketu Kavach and Pitru Sukta
- Mata Mansa Devi puja and Mansa Devi Stotra
- Nag worship, Nag Tarpan and Nagbali-related rituals
- Havan vidhan, Agni puja and blessings for the yajman
- Adhidevata and Pratyadhidevata offerings, Panchalokpal and Dashdikpal offerings
- Mahamrityunjaya Mantra, Purnahuti, bhasma dharan and aarti
- Pushpanjali, blessings, ritual conclusion and collective prayer
- Mata Mansa Devi's sacred story and other traditional devotional texts
Who is this book for?
This book is intended for readers interested in Hindu astrology, Kaal Sarp Yog, traditional puja procedures, Navgraha worship, Nag puja, Rahu-Ketu-related prayers and havan rituals. It offers a reference to the practices and texts listed in its contents for devotional reading and religious study.
- Title: Sampoorna Kaal Sarp Yog Shanti Prayog
- Language: Hindi with explanatory text
- Author: Swami Purnendu Kaushik ‘Haripriya’
- Format: Illustrated book with colour images
- Subject: Kaal Sarp Yog, traditional remedies and puja vidhi
Astrological interpretations and ritual remedies described in the book reflect traditional religious beliefs and are not guarantees of specific outcomes.
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