Chamatkari Rudraksha Mahima Aur Prayog Book in Hindi | 1 to 14 Mukhi, Mantra & Dharan Vidhi

Rs. 199 Rs. 300 33% OFF

आपकी बचत: Rs. 101

सभी कर सहित | फ्री डिलीवरी ₹499 से ऊपर

स्टॉक में उपलब्ध स्टॉक में नहीं 2-4 दिन में डिलीवरी
मात्रा:

सुरक्षित भुगतान विकल्प

  • UPI
  • VISA
  • RuPay
  • COD
विवरण

पुस्तक परिचय

चमत्कारी रुद्राक्ष महिमा और प्रयोग — रुद्राक्ष पर संपूर्ण हिंदी संदर्भ पुस्तक

चमत्कारी रुद्राक्ष महिमा और प्रयोग भगवान शिव से संबंधित रुद्राक्ष की उत्पत्ति, महिमा, विभिन्न प्रकार, पहचान, मंत्र, धारण विधि और पारंपरिक धार्मिक प्रयोगों पर आधारित हिंदी पुस्तक है। इसमें एकमुखी से चौदहमुखी रुद्राक्ष तक की जानकारी के साथ रुद्राक्ष की माला बनाने, जपमाला के उपयोग, पूजा-विधि और रुद्राक्ष से जुड़ी धार्मिक परंपराओं का वर्णन किया गया है।

यह पुस्तक उन पाठकों के लिए उपयोगी संदर्भ है जो रुद्राक्ष के बारे में व्यवस्थित जानकारी, उसके पारंपरिक महत्व और शास्त्रीय संदर्भों को हिंदी में समझना चाहते हैं।

पुस्तक में क्या पढ़ें?

  • रुद्राक्ष का महात्म्य और उत्पत्ति
  • रुद्राक्ष के विभिन्न भेद, जातियाँ और चौदह प्रकारों के नाम एवं महिमा
  • एकमुखी से चौदहमुखी रुद्राक्ष का परिचय और पारंपरिक महत्व
  • श्रेष्ठ और अनुपयुक्त रुद्राक्ष के लक्षण
  • रुद्राक्ष धारण करने की आवश्यकता, पात्रता और विधि
  • रुद्राक्ष को मंत्र द्वारा अभिमंत्रित करने की जानकारी
  • विभिन्न मुखी रुद्राक्षों के मंत्र
  • मंत्र के बिना अभिमंत्रित किए गए रुद्राक्ष को धारण करने संबंधी निषेध
  • रुद्राक्ष की माला का परिमाण, जपमाला का निर्माण और माला चयन
  • जप करने के नियम और माला संस्कार विधि
  • साधु-संतों द्वारा वर्णित धारण विधि
  • कितने दानों की माला पहनें और शरीर के किस अंग पर धारण करें
  • रुद्राक्ष जपमाला के लक्षण और महात्म्य
  • रुद्राक्ष धारण की पारंपरिक तांत्रिक विधि
  • पौराणिक ग्रंथों में रुद्राक्ष का महात्म्य
  • रुद्राक्ष के लक्षण, मंत्र न्यास और पारंपरिक शक्तियों का वर्णन
  • रुद्राक्ष के पारंपरिक उपयोग, रंग और असली-नकली की पहचान
  • रुद्राक्ष की खेती, माला बनाने की जानकारी और खरीदते समय सावधानियाँ
  • गौरी शंकर और त्रिजुटी रुद्राक्ष का परिचय

पुस्तक की प्रमुख विशेषताएँ

  • विस्तृत हिंदी जानकारी: रुद्राक्ष से संबंधित अनेक विषय एक ही पुस्तक में संकलित हैं।
  • 1 से 14 मुखी रुद्राक्ष: विभिन्न मुखी रुद्राक्षों के परिचय, पारंपरिक महत्व और मंत्रों की जानकारी।
  • धारण एवं पूजा विधि: रुद्राक्ष धारण करने, अभिमंत्रित करने और माला संस्कार की पारंपरिक विधियाँ।
  • माला निर्माण एवं जप: जपमाला के निर्माण, चयन, परिमाण और उपयोग से संबंधित विषय।
  • पहचान और सावधानियाँ: असली या नकली रुद्राक्ष की पहचान संबंधी पारंपरिक जानकारी तथा खरीदते समय ध्यान रखने योग्य बातें।
  • विशेष रुद्राक्ष: गौरी शंकर और त्रिजुटी रुद्राक्ष सहित अन्य प्रकारों का विवरण।

यह पुस्तक किनके लिए उपयोगी है?

यह पुस्तक भगवान शिव के भक्तों, रुद्राक्ष धारण करने में रुचि रखने वाले लोगों, पूजा-पाठ करने वालों, साधकों, जपमाला का उपयोग करने वालों और हिंदू धार्मिक परंपराओं का अध्ययन करने वाले पाठकों के लिए उपयोगी है। रुद्राक्ष की किस्मों, पारंपरिक मंत्रों, धारण-विधि और माला निर्माण के बारे में हिंदी में जानकारी चाहने वाले पाठक इसे संदर्भ पुस्तक के रूप में रख सकते हैं।

रुद्राक्ष और धार्मिक परंपरा

हिंदू धार्मिक परंपरा में रुद्राक्ष को भगवान शिव से जुड़ा पवित्र तत्व माना जाता है। इस पुस्तक में रुद्राक्ष के महात्म्य और उससे संबंधित आध्यात्मिक मान्यताओं का वर्णन किया गया है। इसमें बताए गए धार्मिक लाभ पारंपरिक मान्यताओं के अंतर्गत समझे जाने चाहिए।

Chamatkari Rudraksha Mahima Aur Prayog – Hindi Book on Rudraksha

Chamatkari Rudraksha Mahima Aur Prayog is a Hindi reference book about Rudraksha, a sacred bead traditionally associated with Lord Shiva in Hindu religious practice. It covers the origin and significance of Rudraksha, its different types, traditional identification methods, mantras, wearing procedures, prayer beads and religious practices.

Topics Covered in the Book

  • Origin and spiritual significance of Rudraksha
  • Types and classifications of Rudraksha
  • Introduction to one-mukhi through fourteen-mukhi Rudraksha
  • Traditional characteristics of suitable and unsuitable Rudraksha beads
  • Traditional methods for wearing and consecrating Rudraksha
  • Mantras associated with different mukhi Rudraksha beads
  • Rudraksha mala selection, bead count, construction and use for japa
  • Mala purification and consecration practices
  • Traditional guidance on wearing malas on different parts of the body
  • Rudraksha significance in Puranic literature
  • Traditional tantric procedures, mantra nyasa and related practices
  • Information about identifying genuine and imitation Rudraksha
  • Buying precautions and information about Gauri Shankar and Trijuti Rudraksha

Key Features

  • Detailed Hindi content on Rudraksha and its religious significance
  • Coverage of one-mukhi to fourteen-mukhi Rudraksha
  • Traditional mantras, wearing methods and puja-related guidance
  • Information on prayer mala construction, selection and japa
  • Guidance on Rudraksha identification and purchasing precautions

Who Should Read This Book?

This book is suitable for devotees of Lord Shiva, readers interested in Hindu religious traditions, spiritual practitioners and anyone seeking Hindi-language information about Rudraksha types, mantras, malas and traditional wearing practices. It can serve as a reference for devotional reading and the study of Rudraksha traditions.

Discover Hindu religious books and devotional literature at PoojaBooks.Com — धार्मिक ज्ञान, हमारी पहचान.

Rs. 199 Rs. 300 33% OFF

PoojaBooks से क्यों खरीदें?

  • हरिद्वार से
    भेजी जाती हैं
  • 100% प्रामाणिक
    पुस्तकें
  • सुरक्षित पैकिंग
  • पूरे भारत में
    डिलीवरी
  • सरल और सुरक्षित
    भुगतान
  • 15+ वर्षों का
    विश्वास

अक्सर साथ खरीदी जाने वाली पुस्तकें

ग्राहकों की राय

हरिद्वार से आपके घर तक

15+ वर्षों से धार्मिक पुस्तकों के माध्यम से सनातन ज्ञान और संस्कृति को घर-घर तक पहुंचाने का हमारा संकल्प।

हमारी कहानी जानें