Ashtvakra Geeta | Discussion between King Janak And Asht Vakra | Sanskrit Shlok and Hindi Translation | अष्टवक्र गीता | राजा जनक और अष्टवक्र का ज्ञान संवाद | संस्कृत श्लोक और हिंदी में अनुवाद | Ashtavakra Gita अष्टावक्र गीता: अद्वैत वेदांत का सार
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विवरण
पुस्तक परिचय
Ashtavakra Gita (also spelled Ashtvakra Geeta / Ashtavakra Samvad) is a timeless spiritual dialogue between Sage Ashtavakra and King Janaka, offering profound insights into non-duality (Advaita Vedanta), self-realization, and liberation (moksha).
This sacred scripture is a jewel of Indian philosophical literature, teaching:
• The nature of the Self (Atman)
• The illusion of the material world
• How to attain inner peace and freedom
• The path of jnana (knowledge) over rituals or external worship
This edition features:
• Original Sanskrit verses
• Clear Hindi/English translation & explanation
• Easy-to-read layout for both scholars and beginners
• Ideal for daily reflection, satsang, or personal spiritual practice
A must-have for those on the path of self-inquiry, Vedantic studies, or seekers of inner truth.
अष्टावक्र गीता (या अष्टवक्र संवाद) एक महान आध्यात्मिक ग्रंथ है, जिसमें ऋषि अष्टावक्र और राजा जनक के बीच अद्वैत वेदांत पर गहन संवाद प्रस्तुत किया गया है। यह ग्रंथ आत्मा, ब्रह्म और मोक्ष पर आधारित सर्वोच्च ज्ञान को सरल और स्पष्ट रूप में समझाता है।
इस पुस्तक में मिलेगा:
• मूल संस्कृत श्लोकों का संग्रह
• प्रत्येक श्लोक का सरल हिंदी अर्थ / भावार्थ
• अद्वैत वेदांत और आत्मा के स्वरूप पर आधारित शिक्षाएँ
• कर्म, भक्ति या पूजा नहीं, बल्कि ज्ञान मार्ग से मोक्ष की प्राप्ति का मार्गदर्शन
• साधकों, चिंतकों और आत्मबोध के इच्छुक पाठकों के लिए अमूल्य रचना
यह ग्रंथ उन सभी के लिए उपयोगी है जो आध्यात्मिक ज्ञान, वेदांत दर्शन, और स्वअन्वेषण (Self-inquiry) की राह पर अग्रसर हैं।
पुस्तक में दी जानकारी का लाभ से अन्य लोगो को भी अवगत करवाएं, लेकिन अपनी पुस्तक किसी अन्य को कदापि न दें। ध्यान रखें यह हित में है की अपनी अपनी पुस्तक पवित्रता से रखें
Front image of the book can be different, but contents will be same as promised
This sacred scripture is a jewel of Indian philosophical literature, teaching:
• The nature of the Self (Atman)
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अष्टावक्र गीता (या अष्टवक्र संवाद) एक महान आध्यात्मिक ग्रंथ है, जिसमें ऋषि अष्टावक्र और राजा जनक के बीच अद्वैत वेदांत पर गहन संवाद प्रस्तुत किया गया है। यह ग्रंथ आत्मा, ब्रह्म और मोक्ष पर आधारित सर्वोच्च ज्ञान को सरल और स्पष्ट रूप में समझाता है।
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